Friday, 28 February 2014

ये मेरी मज़बूरी है/Ye meri mazboori hai



ये मेरी मज़बूरी है तुझे प्यार करना
चाहे सबब मिले हमें इंतज़ार करना

मेरी आँखों ने की है ये गुस्ताख़ियाँ
काम दिल का है ये बेक़रार करना

बड़े काम के थे हम भी इस ज़हाँ में
हुस्न ने साज़िश किया बेक़ार करना

जो ज़िन्दगी में हैं पतझर के आलम
है तेरा काम अब उसे बहार करना

अब जो सिला दे हमें क़ुबूल हैं सभी
तेरे हाथ में फ़ैसला आर पार करना

इश्क़ की राहें 'अभी' न आसां होती
मिले तो बहार न मिले तो खार करना
—अभिषेक कुमार ''अभी''



Ye meri mazboori hai tujhe pyaar karna
Chahe sabab mile hamen intazar karna

Meri aankhon ne ki hai ye gustakhiyaan
Kaam dil ka hai ye bekaraar karna

Bade kaam ke the ham bhi is zahan me
Husn ne sazish kiya bekaar karna

Jo zindgi me hain patjhar ke aalam
Hai tera kaam ab use bahaar karna

Ab jo sila de hamen kubool hain sabhi
Tere haath me faisala aar paar karna

Ishq ki raahen 'abhi' na aasaan hoti
Mile to bahaar, na mile to khaar karna.
—Abhishek Kumar ''Abhi''

22 comments:

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    1. हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आपका
      सादर

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  2. bahut khushi hui......aise hi aage badhte rahiye.......

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    1. दीदी जी सादर प्रणाम।
      आपका आशीष मिला और मिलता रहेगा तो निश्चय ही आगे बढ़ने में आसानी होगी।
      सादर

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  3. Waah..bahut khub likha hai aur bahut sunder abhivyakti..!

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    1. हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आपका
      सादर

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  4. बहुत अच्छी ग़ज़ल...

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    1. हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आपका
      सादर

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  5. bade bhai agar mai kahoo ki ap ke hathon me jadoo hai to isme koi atishyokti nahi hai,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,haa mujhhe isko likhne ke peechhe kiya gaya ap ka maansik karya sarahneey laga.
    ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,apko mera sadar pranaam bade bhai jee..

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    1. प्रिय आशु बहुत बहुत शुक्रिया। जिस सरल हृदय से आपने अपनी बात राखी है और मेरा हौसला बढ़ाया है इसके लिए भाई मेरे पास शब्द नहीं हैं, मैं सिर्फ आपको दुआएँ और शुभकामनायें दे सकता हूँ।
      खूब खुश रहिये और आगे बढ़िए।

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज शनिवार (01-03-2014) को "सवालों से गुजरना जानते हैं" : चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1538 में "अद्यतन लिंक" पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आदरणीय सर सादर प्रणाम और इस अभूतपूर्व उत्साहवर्धन हेतु आभारी हूँ।
      सादर

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  7. बहुत खूबसूरत ग़ज़ल.... !!
    गज़ब के लिखते है आप अभिषेक जी.....

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    1. आदरणीय सादर प्रणाम और इस अभूतपूर्व उत्साहवर्धन हेतु आभारी हूँ।
      सादर

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    1. आदरणीय सादर प्रणाम और इस अभूतपूर्व उत्साहवर्धन हेतु आभारी हूँ।
      सादर

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  9. Replies
    1. आदरणीय सादर प्रणाम और इस अभूतपूर्व उत्साहवर्धन हेतु आभारी हूँ।
      सादर

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  10. इश्क़ की राहें 'अभी' न आसां होती
    मिले तो बहार न मिले तो खार करना
    ..बहुत खूब!
    प्यार के हज़ार रंग ... अपने हिस्से में जो आये ...

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    1. हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आपका
      सादर

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  11. इश्क़ की राहें 'अभी' न आसां होती
    मिले तो बहार न मिले तो खार करना

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    1. बहुत शुक्रिया आपका
      सादर

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