Thursday, 14 August 2014

जश्ने आज़ादी / Jashne Aazadi

हो गए हैं सरसठ साल 
दिन दिन बढ़ती आबादी है 
जश्ने आज़ादी जारी है
जश्ने आज़ादी जारी है

भूख से कितने ही लाचार हैं 
गली गली में फिरता भिखारी है 
जश्ने आज़ादी जारी है
जश्ने आज़ादी जारी है

पढ़ लिख के घूमे बिना काम
फ़ैली यहाँ बेरोज़गारी है
जश्ने आज़ादी जारी है
जश्ने आज़ादी जारी है

माँ का दर्ज़ा जिसको देते 
उसी को कोख़ में मारी है 
जश्ने आज़ादी जारी है  
जश्ने आज़ादी जारी है

नित् नित् होते हैं बलात्कार
फिर भी पलता बलात्कारी है
जश्ने आज़ादी जारी है
जश्ने आज़ादी जारी है

भ्रष्टाचार में ट्रॉफ़ी जीतते,फिर भी 
सत्ता पे क़ाबिज़ भ्रष्टाचारी है
जश्ने आज़ादी जारी है
जश्ने आज़ादी जारी है

जिस बेटे को अलग किया था 
वो बन बैठा अतिक्रमणकारी है 
फिर चुप हो सहते हम सब 
कैसी ये लाचारी है ?
जश्ने आज़ादी जारी है
जश्ने आज़ादी जारी है
(जय हिन्द, जय भारत)
-अभिषेक कुमार ''अभी''
Ho gye hain sarsath saal
Din din badhti aabadi hai
Jashne aazadi jari hai
Jashne aazadi jari hai

Bhookh se kitne hi lachar hain
Gli gli me firta bhikhari hai
Jashne aazadi jari hai
Jashne aazadi jari hai

Padh likh ke ghume bina kaam
Faili yahan berozgari hai
Jashne aazadi jari hai
Jashne aazadi jari hai

Maa darza jisko dete
Usi ko kokh me maari hai
Jashne aazadi jari hai
Jashne aazadi jari hai

Nit nit hote hain blatkaar
Fir bhi palta blatkaari hai
Jashne aazadi jari hai
Jashne aazadi jari hai

Bhrshtachar me trophy jit'te
Satta pe kabiz bhrshtachari hai
Jashne aazadi jari hai
Jashne aazadi jari hai

Jis bete ko alag kiya tha
Wo ban baitha atikramnkari hai
Fir bhi chu ho sahte ham sab
Kaisi ye lachari hai
Jashne aazadi jari hai
Jashne aazadi jari hai
-Abhishek Kumar ''Abhi''

11 comments:

  1. जिस बेटे को अलग किया था
    वो बन बैठा अतिक्रमणकारी है
    फिर चुप हो सहते हम सब
    कैसी ये लाचारी है ?
    जश्ने आज़ादी जारी है
    जश्ने आज़ादी जारी है.............Sajeev Chitran

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  2. आपकी इस रचना का लिंक दिनांकः 15 . 8 . 2014 दिन शुक्रवार को I.A.S.I.H पोस्ट्स न्यूज़ पर दिया गया है , कृपया पधारें धन्यवाद !

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  3. बहुत मर्मस्पर्शी गीत है

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  4. बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति

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  5. बहुत सुन्दर और सटीक अभिव्यक्ति...

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति....आभार पढवाने के लिए!

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  7. वाह सुन्दर आजादी का गीत , बधाई आपको

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